Thursday, September 28, 2023
Homeजॉबहरियाणा में इस साल 200 रोजगार मेलों का आयोजन करेगा: खट्टर

हरियाणा में इस साल 200 रोजगार मेलों का आयोजन करेगा: खट्टर

खट्टर जी की यह घोषणा हरियाणा राज्य के युवाओं के लिए बड़ी खुशखबरी है। राज्य सरकार द्वारा इस साल 200 रोजगार मेलों का आयोजन करने का ऐलान उनके विकास और रोजगार क्रियाओं के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। यह सरकार का प्रयास है कि राज्य के युवाओं को रोजगार के मौके प्रदान किए जाएं ताकि वे अपने आत्मविश्वास को बढ़ा सकें और अपने सपनों को पूरा कर सकें।

खट्टर जी की इस घोषणा के साथ ही उन्होंने “सीएम की विशेष चर्चा” कार्यक्रम के माध्यम से युवाओं के साथ बातचीत की, जिसका मुख्य उद्देश्य युवाओं के रोजगार संबंधित मुद्दों पर चर्चा करना था।

इस मौके पर उन्होंने बताया कि 2019 से लेकर अब तक, हरियाणा में 1,450 रोजगार मेले आयोजित किए गए हैं और इन मेलों में 31,217 युवाओं को रोजगार सहायता प्रदान की गई है। यही नहीं, इन मेलों में युवाओं को रोजगार के लिए नियुक्ति पत्र भी दिए गए हैं, जिससे उन्हें नौकरी प्राप्त करने का मौका मिला। खट्टर जी ने इसके अलावा बताया कि अब तक 1.14 लाख सरकारी नौकरियां प्रदान की गई हैं और इसके बाद भी 56,000 और नौकरियां युवाओं को प्रदान की जाएंगी। उन्होंने यह भी दर्ज कराया कि सरकार का लक्ष्य है कि 2 लाख युवाओं को रोजगार प्रदान किया जाए।

इसके साथ ही, खट्टर जी ने युवाओं को कौशल प्रशिक्षण के महत्व के बारे में भी बात की। उन्होंने बताया कि युवाओं को रोजगार प्राप्त करने के लिए एकाधिक आवेदन और शुल्क से बचाने के लिए सरकार द्वारा एक पंजीकरण सुविधा और सामान्य पात्रता परीक्षा की व्यवस्था की गई है। इसके माध्यम से, युवाओं को रोजगार के लिए आवेदन करने में आसानी होगी और वे अपने कौशलों के हिसाब से संविदानुक्रमित प्रतियोगी परीक्षाओं में भाग ले सकेंगे।

हरियाणा में इस साल 200 रोजगार मेलों का आयोजन करेगा: खट्टर
Haryana to hold 200 job fairs this year: Khattar

मुख्यमंत्री अंत्योदय परिवार उत्थान योजना के तहत, जिन परिवारों की वार्षिक आय 1 लाख रुपये से कम है, उन्हें मेरिट के आधार पर हरियाणा रोजगार कौशल निगम के माध्यम से रोजगार सुनिश्चित किया गया है। इसके साथ ही, उन्होंने बताया कि ऐसे परिवारों के युवाओं को संविदानुक्रमित कर्मचारियों की भर्ती में 5 अतिरिक्त अंकों की प्राथमिकता दी जा रही है। वह युवाओं के लिए भी प्राथमिकता देने का वादा किया है जिनके परिवार में किसी सदस्य को सरकारी नौकरी में नहीं मिला है।

हरियाणा में सरकारी क्षेत्र में नौकरियों की संख्या सीमित है, इसलिए यह संभावना नहीं है कि 100% युवाओं को सरकारी नौकरियां प्रदान की जा सकें। इसलिए सरकार ने युवाओं को कौशल प्रशिक्षण और गुणवत्ता शिक्षा प्रदान करने के माध्यम से उन्हें नौकरी की तलाश में नहीं, बल्कि नौकरी प्रदानकर्ता बनाने के लिए सशक्त करने के लिए पहल किया है। इसका उद्देश्य है कि युवाएं नौकरी खोजने के बजाय नौकरी प्रदानकर्ता बनें और अपने स्वपनों को पूरा करें।

खट्टर जी ने यह भी बताया कि राज्य सरकार ने युवाओं के लिए सीखने के लिए एक प्रमुख ध्यान दिया है। “हरियाणा कौशल विकास मिशन के तहत, 80,000 से अधिक युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए कौशल प्रदान किए गए हैं। श्री विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय को युवाओं के बीच प्रशिक्षण और उद्योग-ओरिएंटेड शिक्षा प्रदान करने के लिए स्थापित किया गया है।

हरियाणा देश का पहला राज्य है जहां शिक्षित बेरोजगार युवाओं को सक्षम युवा योजना के तहत प्रतिमाह 100 घंटे की संविशेष मान्यता दी जा रही है। इस योजना के तहत, लगभग 4 लाख युवाओं को मान्यता कार्य प्रदान किया गया। वर्तमान में, उद्योगों को वो युवाएं चाहिए जो नवीनतम प्रौद्योगिकी के अनुसार उद्योगों की मांग को पूरा कर सकते हैं। इसके लिए प्रशिक्षण के माध्यम से छात्रों को उद्योग की मांग के अनुसार कौशल प्राप्त कराया जा रहा है। राज्य में प्रशिक्षण स्थगित करने के लिए सरकार ने विशेष ध्यान दिया है और प्रति लाख जनसंख्या के आधार पर पूरे देश में हरियाणा में सबसे अधिक प्रशिक्षु प्रदान किए गए हैं,” खट्टर ने कहा।

इससे साथ ही, खट्टर जी ने बताया कि हरियाणा में सरकारी नौकरियों की संख्या सीमित है, और इसलिए यह संभावना नहीं है कि 100% युवाओं को सरकारी नौकरियां प्रदान की जा सकें। इसलिए सरकार ने युवाओं को कौशल प्रशिक्षण और गुणवत्ता शिक्षा प्रदान करके उन्हें नौकरी की तलाश में नहीं, बल्कि नौकरी प्रदानकर्ता बनाने के लिए सशक्त करने के लिए पहल किया है। इसका उद्देश्य है कि युवाएं नौकरी खोजने के बजाय नौकरी प्रदानकर्ता बनें और अपने स्वपनों को पूरा करें।

खट्टर जी ने यह भी बताया कि राज्य सरकार ने युवाओं को सीखने के लिए एक प्रमुख ध्यान दिया है। “हरियाणा कौशल विकास मिशन के तहत, 80,000 से अधिक युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए कौशल प्रदान किए गए हैं। श्री विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय को युवाओं के बीच प्रशिक्षण और उद्योग-ओरिएंटेड शिक्षा प्रदान करने के लिए स्थापित किया गया है। हरियाणा देश का पहला राज्य है जहां शिक्षित बेरोजगार युवाओं को सक्षम युवा योजना के तहत प्रतिमाह 100 घंटे की संविशेष मान्यता दी जा रही है।

इस योजना के तहत, लगभग 4 लाख युवाओं को मान्यता कार्य प्रदान किया गया। वर्तमान में, उद्योगों को वो युवाएं चाहिए जो नवीनतम प्रौद्योगिकी के अनुसार उद्योगों की मांग को पूरा कर सकते हैं। इसके लिए प्रशिक्षण के माध्यम से छात्रों को उद्योग की मांग के अनुसार कौशल प्राप्त कराया जा रहा है। राज्य में प्रशिक्षण स्थगित करने के लिए सरकार ने विशेष ध्यान दिया है और प्रति लाख जनसंख्या के आधार पर पूरे देश में हरियाणा में सबसे अधिक प्रशिक्षु प्रदान किए गए हैं,” खट्टर ने कहा।

इससे साथ ही, खट्टर जी ने बताया कि हरियाणा में सरकारी नौकरियों की संख्या सीमित है, और इसलिए यह संभावना नहीं है कि 100% युवाओं को सरकारी नौकरियां प्रदान की जा सकें। इसलिए सरकार ने युवाओं को कौशल प्रशिक्षण और गुणवत्ता शिक्षा प्रदान करके उन्हें नौकरी की तलाश में नहीं, बल्कि नौकरी प्रदानकर्ता बनाने के लिए सशक्त करने के लिए पहल किया है। इसका उद्देश्य है कि युवाएं नौकरी खोजने के बजाय नौकरी प्रदानकर्ता बनें और अपने स्वपनों को पूरा करें।

खट्टर जी ने यह भी बताया कि राज्य सरकार ने युवाओं को सीखने के लिए एक प्रमुख ध्यान दिया है। “हरियाणा कौशल विकास मिशन के तहत, 80,000 से अधिक युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए कौशल प्रदान किए गए हैं। श्री विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय को युवाओं के बीच प्रशिक्षण और उद्योग-ओरिएंटेड शिक्षा प्रदान करने के लिए स्थापित किया गया है। हरियाणा देश का पहला राज्य है जहां शिक्षित बेरोजगार युवाओं को सक्षम युवा योजना के तहत प्रतिमाह 100 घंटे की संविशेष मान्यता दी जा रही है।

इस योजना के तहत, लगभग 4 लाख युवाओं को मान्यता कार्य प्रदान किया गया। वर्तमान में, उद्योगों को वो युवाएं चाहिए जो नवीनतम प्रौद्योगिकी के अनुसार उद्योगों की मांग को पूरा कर सकते हैं। इसके लिए प्रशिक्षण के माध्यम से छात्रों को उद्योग की मांग के अनुसार कौशल प्राप्त कराया जा रहा है। राज्य में प्रशिक्षण स्थगित करने के लिए सरकार ने विशेष ध्यान दिया है और प्रति लाख जनसंख्या के आधार पर पूरे देश में हरियाणा में सबसे अधिक प्रशिक्षु प्रदान किए गए हैं,” खट्टर ने कहा।

इससे साथ ही, खट्टर जी ने बताया कि हरियाणा में सरकारी नौकरियों की संख्या सीमित है, और इसलिए यह संभावना नहीं है कि 100% युवाओं को सरकारी नौकरियां प्रदान की जा सकें। इसलिए सरकार ने युवाओं को कौशल प्रशिक्षण और गुणवत्ता शिक्षा प्रदान करके उन्हें नौकरी की तलाश में नहीं, बल्कि नौकरी प्रदानकर्ता बनाने के लिए सशक्त करने के लिए पहल किया है। इसका उद्देश्य है कि युवाएं नौकरी खोजने के बजाय नौकरी प्रदानकर्ता बनें और अपने स्वपनों को पूरा करें।

खट्टर जी ने यह भी बताया कि राज्य सरकार ने युवाओं को सीखने के लिए एक प्रमुख ध्यान दिया है। “हरियाणा कौशल विकास मिशन के तहत, 80,000 से अधिक युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए कौशल प्रदान किए गए हैं। श्री विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय को युवाओं के बीच प्रशिक्षण और उद्योग-ओरिएंटेड शिक्षा प्रदान करने के लिए स्थापित किया गया है। हरियाणा देश का पहला राज्य है जहां शिक्षित बेरोजगार युवाओं को सक्षम युवा योजना के तहत प्रतिमाह 100 घंटे की संविशेष मान्यता दी जा रही है।

इस योजना के तहत, लगभग 4 लाख युवाओं को मान्यता कार्य प्रदान किया गया। वर्तमान में, उद्योगों को वो युवाएं चाहिए जो नवीनतम प्रौद्योगिकी के अनुसार उद्योगों की मांग को पूरा कर सकते हैं। इसके लिए प्रशिक्षण के माध्यम से छात्रों को उद्योग की मांग के अनुसार कौशल प्राप्त कराया जा रहा है। राज्य में प्रशिक्षण स्थगित करने के लिए सरकार ने विशेष ध्यान दिया है और प्रति लाख जनसंख्या के आधार पर पूरे देश में हरियाणा में सबसे अधिक प्रशिक्षु प्रदान किए गए हैं,” खट्टर ने कहा।

इससे साथ ही, खट्टर जी ने बताया कि हरियाणा में सरकारी नौकरियों की संख्या सीमित है, और इसलिए यह संभावना नहीं है कि 100% युवाओं को सरकारी नौकरियां प्रदान की जा सकें। इसलिए सरकार ने युवाओं को कौशल प्रशिक्षण और गुणवत्ता शिक्षा प्रदान करके उन्हें नौकरी की तलाश में नहीं, बल्कि नौकरी प्रदानकर्ता बनाने के लिए सशक्त करने के लिए पहल किया है। इसका उद्देश्य है कि युवाएं नौकरी खोजने के बजाय नौकरी प्रदानकर्ता बनें और अपने स्वप्नों को पूरा करें।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

Recent Comments